राखी की भाँति भाई दूज भी एक ऐसा पावन त्योहार है जो भाई और बहन के प्यार और आत्मीयता को साझा करने का मौका प्रदान करता है

यह त्योहार कार्तिक मास की दीपावली के उत्सव के बाद आता है और शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है

इस मौके पर भाई अपनी बहन के साथ एक विशेष संबंध को साझा करने के लिए उन्हें बहुत और सुरक्षित महसूस कराने का संकल्प करता है

भाई दूज का महत्व इसे एक परम्परागत भारतीय उत्सव में बना देता है जिसमें भाई अपनी बहन को रक्षा और समर्थन की भावना दिखाता है

इस दिन, बहन अपने भाई की लम्बी आयु, सुख, और सफलता की कामना करती है और भाई भी उसे आशीर्वाद और प्यार से भरा उत्तरदाता होता है

इस अद्भुत मौके पर, परिवार के सभी सदस्य एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशी और प्रेम का आत्मा महसूस करते हैं, जो इसे एक अद्वितीय और यादगार समय बना देता है

कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि, जो कि हमारे कैलेंडर के अनुसार 14 नवंबर को आएगी, दोपहर 02:36 बजे से अपना आगाज करेगी

भाई दूज शुभ मुहूर्त

इस पावन क्षण का समापन उदिया तिथि के चलते भाई दूज का त्योहार 15 नवंबर दिन बुधवार को मनाया जाएगा

इस महत्वपूर्ण पौराणिक समय में, हम सभी एक-दूसरे के साथ प्यार और समर्पण का अहसास कर सकते हैं और इस खास मौके पर सजीव संबंध बना सकते हैं।